सुभाषितानि पाठ विभिन्न संस्कृत ग्रंथों से संकलित दस सुभाषितों का संग्रह है। सुभाषित ऐसे सुंदर, अर्थपूर्ण और प्रेरणादायक वचन होते हैं, जो जीवन के सार्वभौमिक सत्यों को संक्षिप्त तथा प्रभावशाली रूप में व्यक्त करते हैं। इस पाठ में आलस्य को मनुष्य का शत्रु और परिश्रम को सफलता का साधन बताया गया है। इसमें गुणों की पहचान, क्रोध के दुष्परिणाम, समान रुचि और स्वभाव वाले लोगों की मित्रता, प्रत्येक वस्तु की उपयोगिता तथा बुद्धिमान व्यक्ति की विशेषता जैसे विषय प्रस्तुत किए गए हैं। कुछ श्लोक अच्छे और महान व्यक्तियों के व्यवहार तथा सुख-दुःख में उनकी समानता पर भी प्रकाश डालते हैं। इन सुभाषितों का उद्देश्य विद्यार्थियों में विवेक, सदाचार, परिश्रम, संयम और व्यावहारिक ज्ञान का विकास करना है।